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Poet Shashi – Her Latest Hindi Poems And Introduction

कवयित्री शशि – परिचय

शशि एक बहुत ही योग्य कवयित्री होने के साथ साथ गीतकार एवं  कहानीकार ( लेखिका)  हैं। जैसा कि हम सभी को विदित है कि हमारा  भारतवर्ष गांवों का देश है। ये बड़ी मेहनत एवं लगन से एमकाे म्यूज़िक प्रा. लि. कंपनी के लिए हिन्दी फ़िल्म की कहानी ग्रामीणों के जनजीवन के  विकासपूर्ण उद्देश्य से लिख रही हैं।

ग्रामीणों की तरक्की, समृद्धि एवं  उज्वल भविष्य हेतु अपनी कलम से यह फिल्म की कहानी देश को समर्पित करना चाहती हैं। आशा है कि निकटतम भविष्य में एमको म्यूज़िक कंपनी इस कहानी को हिन्दी फ़िल्म के जरिए देश एवं दुनियां को समर्पित करेगी।

कवयित्री: शशि

**   गणित  **

यह गणित बड़ा दुखदाई है

छात्र  छात्राओकी आफ़त आई है

स्कूल से जब घर जाते

दस बीस सवाल निकलते

मानो दिमाग में काई है

यह गणित बड़ा दुखदाई है

यह रखता है और भी शाखाएं

बीज गणित और रेखाएं

पर सब में है कठिनाई

यदि होता मेरा राज यहां

क्यों होता जग में गणित  भला

जग कहता यह बड़ा सुखदाई

मैं कहती यह बड़ा दुखदाई

कवयित्री :  शशि

**  नेक सलाह  **

खाना चाहते हो तो ” गम” खाओ

पीना चाहते हो तो ” क्रोध” पियो

पहनना चाहते हो तो ” नेकी” का जामा पहनो

 

देखना चाहते हो तो ऊंची निगाह से देखो

लेना चाहते हो तो सिर्फ़ आशीर्वाद लो

छोड़ना चाहते हो तो सिर्फ़ पाप और अत्याचार छोड़ो

 

रखना चाहते हो तो ” इज्ज़त” रखो

बोलना चाहो तो सदा ” सत्य” बोलो

जीतना चाहो तो ” तृष्णा” को जीतो

 

मारना चाहो तो बुरी इच्छा को मारो

देखना चाहो तो अपने आप को देखो

भोगना चाहो तो सन्तोष को भोगो

 

फेंकना चाहो तो ” ईर्ष्या” को फेंको

हारना चाहो तो ” अनीति” को हारो

दिखलाना चाहो तो दया दिखलाओ

 

करना चाहो तो समाजसेवा करो

सीखना चाहो तो अनुशासन सीखो

पढ़ना चाहो तो अच्छी पुस्तक पढ़ो

    

——सौजन्य से: अरुण शक्ति मैनेजिंग डायरेक्टर

——एमको म्यूजिक प्रा. लि. मोबाइल नम्बर: 9468467100

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Poet Shashi’s New Poem MANAV KRODH Published by Amco Music

कवयित्री:  शशि

मानव क्रोध

आता है जब क्रोध, लाल चेहरे को कर देता है,

नेत्र आग बरसाते हैं, बुद्धि को हर लेता है,

समय, धर्म, धन का विनाश कर, पाप वृद्धि करता है,

क्रोध महाराक्षस, मानव की समूल शान्ति हरता है।

 

रक्त विकृत हो जाता है, खाया पानी बन जाता है,

आते रोग अनेक, क्षीण मन दुख से भर जाता है,

न कहने योग्य शब्द, मुख से झरने लगते हैं,

अगले के मानस, पीड़ाओं से भरने लगते हैं।

 

क्रोध बढ़ाता बैर, स्वजन को कर देता परजन है,

भय का वातावरण, बनाकर पीड़ित करता मन है,

छोटी छोटी बातों में भी, क्रोध नहीं अच्छा है,

करके क्रोध जीत नहीं सकते, जो छोटा बच्चा है।

 

क्रोध पशुत्व स्वभाव,  विवशता की दुर्लभ बेड़ी है,

जिसने सम्यक समझ लिया, उसने इसको तोड़ी है।

एमको म्यूजिक व अरुण शक्ति के सौजन्य से

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Poetess Shashi’s New Poem Released By Amco Music

कवयित्री:  शशि   ” इतिहास ”

इतिहास की परीक्षा थी, उस दिन चिन्ता से हृदय धड़कता था,

जब उठा भोर में घबराकर, तब से बायां नैन फड़कता था,

जितने उत्तर कंठस्थ किये, उनमें से आधे याद हुए,

वे भी स्कूल पहुंचने तक, स्मृतियों से आजाद हुए,

जो सीट दिखाई दी ख़ाली, उस पर डटकर के जा बैठा,

तभी निरीक्षक मुझे देखकर, अपना आपा खो बैठा,

 

अरे मूर्ख है ध्यान किधर, क्या बिगड़ गई थी बुद्धि तेरी,

क्यों करके आया है देरी, उठ जा यह कुर्सी है मेरी,

जब प्रश्नपत्र आया सन्मुख, मैं भूल गया उत्तर सारा,

बस बरगद रूपी कॉपी पर, कलम कुल्हाड़ी  दे मारा

बाबर का बेटा था  हुमायूं, जो भारत वायुयान से आया था

उसने ही पहला रॉकेट, अंतरिक्ष में भिंजवाया था।

 

अब प्रश्न पढ़ा था कौन चेतक, मैं लिख बैठा बजाज चेतक,

जो सदा ब्लैक में  बिकता है, पच्चीस वर्ष तक टिकता है,

गौतम गांधी के चेले थे, दोनों ही संग संग खेले थे,

आज़ादी के संग्राम समय, दोनों ने पापड़ बेले थे।

पढ़कर मेरा इतिहास नया, परीक्षक का मांथा चकरा गया

देकर माइनस जीरो नम्बर, उसने जोड़ा इतिहास नया।

एमको म्यूजिक व अरुण शक्ति के सौजन्य से

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Manoj Kumar Rai wrote a useful book PAHALWAN SAHEB on freedom fighter Bhagwat Rai Released by CM Uddhav Thackeray And Appreciated By Amitabh Bachchan-Virat Kohli -Ranbir Kapoor-Shilpa Shetty-Kailash Kher

स्वतंत्रता सेनानी भागवत राय पर मनोज कुमार राय ने लिखी उपयोगी पुस्तक “पहलवान साहेब”  मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे द्वारा विमोचन, अमिताभ बच्चन, विराट कोहली, रणबीर कपूर, शिल्पा शेट्टी, कैलाश खेर द्वारा मिली सराहना

पहलवान भागवत राय पर बायोपिक फ़िल्म ऋचा मोशन पिक्चर्स के बैनर तले बनाई जाएगी

देश के महान स्वतंत्रता सेनानी भागवत राय विलक्षण प्रतिभा के धनी थे। उन्होनें युवावस्था में ही कई रिकॉर्ड बना कर अपनी हैरतअंगेज और चमत्कारिक ताकत का परिचय दिया।भागवत राय जी ने आज़ादी से पहले देश में सर्कस कम्पनी खोलकर अंग्रेज़ों से लोहा लिया था। अब मनोज कुमार राय ने अपने दादा भागवत राय पर एक पुस्तक “पहलवान साहेब” लिखी है। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने अपने निवास पर इस पुस्तक “पहलवान साहेब” का विमोचन किया। यह पुस्तक क्षेत्रीय पासपोर्ट अधिकारी (आरपीओ) मनोज कुमार राय द्वारा लिखी गई है। अमिताभ बच्चन और शिल्पा शेट्टी के सन्देश भी पुस्तक में प्रकाशित किए गए हैं।मनोज कुमार राय की यह पहली किताब है जिसमे 15 अध्याय हैं। इस पुस्तक में भागवत राय की विलक्षण प्रतिभा से पाठकों को अवगत कराया गया है। प्रभाकर प्रकाशन द्वारा प्रकाशित यह किताब अमेज़ॉन सहित कई ऑनलाइन प्लेटफार्म पर भी उपलब्ध है।

गौरतलब है कि भागवत राय देश की महान विभूतियों में से एक रहे हैं। वह स्वतंत्रता पूर्व भारत के सबसे ताकतवर व्यक्ति थे। 1925 में उन्होंने अपनी सर्कस कम्पनी शुरू की थी। तेज भागती गाड़ी रोकना और हाथी को अपने सीने पर खड़े करना जैसे कई आश्चर्यजनक कारनामे उन्होंने किए।

मनोज कुमार राय ने यह किताब विराट कोहली, एक्टर रणबीर कपूर, लेखक चेतन भगत, गायक कैलाश खेर सहित कई फिल्मी सितारों और खिलाड़ियों को भेंट की, और सभी ने उन्हें इस महत्वपूर्ण पुस्तक को लिखने के लिए उन्हें बधाई और शुभकामनाएं दीं।

अमिताभ बच्चन का कहना है कि भागवत राय एक पहलवान होने के नाते न सिर्फ शरीर के बल बल्कि मानसिक दृढ़ता के भी प्रतीक थे। उन्होंने अपनी अलग सोच, लग्न और त्याग की भावना से देश को आज़ाद देश बनाने में अहम योगदान दिया।

वहीं शिल्पा शेट्टी कुन्द्रा ने कहा कि भारत के शूरवीर स्वतंत्रता सेनानियों में से एक भागवत राय जी के बारे में हर भारतीय को पढ़ना चाहिए। मनोज कुमार राय ने अपनी इस किताब में भागवत राय की चुनौतियों, संघर्षों और उपलब्धियों का विस्तार से वर्णन किया है। उनके जीवन के हर पड़ाव को और उनकी जिंदगी की हर छोटी बड़ी बात को लेखक ने बखूबी पेश किया है।”

भाजपा के कद्दावर नेता तथा पूर्व रेलराज्य मंत्री मनोज सिन्हा जो अब जम्मू और कश्मीर के लेफ्टिनेंट गवर्नर हैं, इन्होंने भी लेखक मनोज कुमार राय को पत्र भेजकर लिखा है कि आपने मुझे अपनी किताब पहलवान साहेब मुझे भेजी है शुक्रिया। भागवत राय की 121 वीं जयंती पर यह किताब दरअसल उस महान शख्सियत को असली ट्रिब्यूट है।”

आपको बता दें कि इस पुस्तक पर बेस्ड पहलवान भागवत राय पर ऋचा मोशन पिक्चर्स के बैनर तले एक फ़ीचर फ़िल्म भी बनाई जाएगी जिसकी निर्मात्री संगीता राय हैं।

लेखक मनोज कुमार राय का कहना हैं कि अदम्य साहस के प्रतीक, युवा क्रांतिकारियों के प्रेरणास्रोत और महान स्वतंत्रता सेनानी भागवत राय जी का जन्म बलिया, उत्तरप्रदेश में हुआ था। भागवत राय जी विलक्षण प्रतिभा के धनी थे। इस पुस्तक में उनकी इन्हीं विलक्षण प्रतिभा से पाठक को अवगत कराया गया है।  उनकी 121वीं जयंती पर अपनी श्रद्धांजलि के रूप में दुनिया के सामने उनके व्यक्तित्व और कृतित्व को नये रूप और नये कलेवर में समाज के सामने प्रस्तुत करने का प्रयास कर रहा हूँ।”

वाकई यह किताब हर देशवासी को पढ़नी चाहिए और अपने देश की ऐसी महान विभूति के जीवन, संघर्ष और त्याग के बारे में जानना चाहिए।

कुश्ती कला के जादगूर पहलवान भागवत राय को ढेर सारे पुरुस्कारों और सम्मान से भी नवाजा जा चुका है। भागवत राय (1899-1944) ब्रिटिश साम्राज्य के पहले भारतीय पहलवान थे जो अपने सीने पर हाथी चढ़वाते थे। वो महान स्वंत्रता सेनानी मंगल पांडेय से बेहद प्रेरित थे। भागवत को अपने देश की मिटटी से गहरा लगाव था, जिसकी वजह थी कि महान स्वंत्रता सेनानी मंगल पांडेय भी इसी मिटटी के सपूत थे।

  

यह पुस्तक वास्तव में जानकारी और प्रेरणा का स्रोत है जिसके लिए लेखक मनोज कुमार राय बधाई के पात्र हैं।

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Actors Author

Raja Sarfaraz An Indian Writer And Actor Of Rare Calibre

Raja Sarfaraz Is an Indian Writer and Actor Hails Basically From Jammu and Kashmir District Doda Bhalessa.Raja Sarfaraz is a Columnist also who currently is A PHD Scholar in English literature as well. During Junior Engineering inspired he did Theater and so Made Acting his Carrier. His First Book Tears Of  Kashmir is a quest to Bring Peace and Brotherhood Back In Kashmir is Voice of Silent Mountains and Nature of Kashmir.

*Raja Sarfaraz is Well known For 92 Hours Webseries Negative Lead,

*Ye Meri Kahani Ha Damini ( Hindi Film Nased on Rape Case released in 2013)

* His Upcoming Movie is DUST,

* Upcoming Webseries are Lahore Dairies,  Mission 70, Cynanide Mohan, Scammy.

He has worked in Few Music Videos in Hindi ,Punjabi, Kashmiri, Arabic.

Following are links of ,Articles ,videos, Etc.

                

Webpage:

rajasarfaraz.com

Twitter 

mobile.twitter.com › rajasarfaraz786

Raja Sarfaraz Official (@RajaSarfaraz786) | Twitter

YouTube 

https://www.youtube.com/channel/UCQesdf2suc-5uIkq8JOoyVA

Book Tears of Kashmir 

https://www.flipkart.com/tears-of-kashmir/p/itmfa4uzsmevsxav

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Actress Author

Ilaa Verma Aspiring Actress And Writer

Ilaa Verma as an actor done many shows like ‘Prithvi Vallabh’, ‘Crime Patrol’, ‘Crime Alert’, ‘Savdhan India’, exo bar advertisement, zee  music album and now she is moving a head and as a writer she is launching her 1st novel with notion publication.

Her novel is based on lgbt community and it’s a love story of two girl. While in an interview she said “love is a feeling, you never know with whom you fall in love” Why we are creating discrimination by using the term community and dividing the world into straight and lgbt community. It took 8 year of her life to wrote this beautiful love story of Jannat kapoor and Nia sharma. They are the lead character of the novel. Jannat is fearless flying bird of the sky and a stom with power who believe rules are made to be broken and Nia is soft spoken, caring and loving characters who belive one day she will be free from these rule and regulations. Nia is like a rain and author ilaa verma says every Strom remains in her rain and every rain wait for her Strom.

Ilaa verma support lgbt community and wants to decrease their struggle in the society. She also said that “jaha pai rule and regulations ki zarurat nh hai waha pai had sai zada rule and regulations hai aur jaha hone chahiyea waha pai kuch bhi nh hai… She also said that now a days our bollywood is showing lgbt story in a way that is based on lust but it’s about love not the lust and she also want to bring the change in the concepts through her story.

     

Her novel unusual is doing great and it’s having highest rating also. It is a must read book for everyone. Book also deals with social taboos and she believe one day world understand the true meaning of love. She also said how to love? Whom to love? Is a thing that need not to be decide by the society it’s need to be personal preferences.

People like ilaa verma is a gem who work and try to bring change.


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Union Minister S Jaishankar Launches Veteran Journalist Prem Prakash’s Book Reporting India – My Seventy Year Journey As A Journalist At Kitaab Event

21 December 2020, Kolkata/New Delhi: Subrahmanyam Jaishankar, Minister of External Affairs, Government of India, launched veteran journalist and media entrepreneur Prem Prakash’s book “Reporting India: My Seventy-Year Journey as a Journalist” at Kitaab online book launch event organized by Prabha Khaitan Foundation of Kolkata in association with Penguin India. Eminent litterateurs, scholars, book lovers, students and journalists from across the country joined the virtual event for an engaging hour-long session with the author Prem Prakash; panelists Sheela Bhatt and Sushant Sareen and Ms Aakriti Periwal of PKF introducing the session and Venkat Narayan made the concluding remarks.

Reflecting on seven decades of journalistic work by Prem Prakash, Minister of External Affairs, Subrahmanyam Jaishankar, said, “Prem Prakash’s book in reality is a celebration of his life. He has been there and done that and shaped our recollection of events and the image of India. He has always been at his detached best. Prem, a great recorder of events and history, has always been at the right place at the right time. His book is an engrossing flow which the young generation of today, less conversant of that past era, must read. India has gained enormously from his work.”

“The Chini Hindi bhai bhai slogan was nonsense. India’s views towards the Chinese in the past can be described as a kind of romanticism. We gave up everything on Tibet while the Chinese asserted its sovereignty and went on to capture Tibet,” said Prem Prakash who set up Indian news agency Asian News Network (ANI) in 1971 to provide syndicated multi-media newsfeed to Indian and foreign media houses. ANI was also the first news agency to syndicate video news.

The author, who, as a journalist, had first hand witnessed the pitiable condition of ill-equipped Indian Army mauled by the Chinese during the 1962 China-India border war, says in his recent book that Nehru felt personally responsible for the debacle as he had ignored the modernisation of India’s armed forces at the outset of his term in office. Nehru, who believed that war could never be a tool for furthering diplomatic ends, found his peacenik worldview torn asunder by an aggressive China. He did try to make amends to revive and re-equip the Indian armed forces during the 20 months he lived after the India-China war.

Reminiscing on what Afghanistan used to be and its future, Prem Prakash said, “Afghanistan is a tragic case. In many respects Afghanistan used to be ahead of India before it became a victim of the Cold War. The bogey of “Islam in danger” was used to create Islamic fundamentalism in Afghanistan. India is a big country and Afghanistan needs our help and we must make sure we do help them. We must ask – Why Chabahar port is taking so long to become functional? It is in India’s interest to bring Afghanistan back to what it used to be in the happy days. The Taliban took them back to the stone age.”

On the quality of today’s journalism Mr Prakash said, “There are many huge organizations now. For heaven’s sake tell your reporters to go to the field and report. Another fact is that the reporters are opinionated which isn’t good. Young journalists should read a lot, go to the locations and report facts.”

Prem Prakash is among the few journalists who interviewed all the prime ministers of India in his illustrious career spanning over seven decades. He had reported the Bangladesh Liberation War of 1971 from inside Bangladesh risking his life. He has been at the frontline reporting some of the historic events like liberation of Goa, India-China border war, Indo-Pak wars, Bhopal gas tragedy, attack on Rajiv Gandhi in Colombo and so on as a photographer, reporter and cameraman. He has witnessed natural calamities and insurgencies which he has penned in his book.

“We still see the world and India from a western correspondent’s view. I fail to understand why Indian media houses, which make huge profits, fail to depute correspondents in foreign countries and present news from an Indian perspective.

Kitaab is an initiative of Kolkata-based organization Prabha Khaitan Foundation which provides a forum for book launches by connecting intellectuals, book lovers and litterateurs with authors. Eminent authors like Shashi Tharoor, Vikram Sampath, Salman Khurshid, Kunal Basu, Vir Sanghvi, Vikas Jha, Luke Coutinho and others have earlier had book launching sessions at Kitaab.

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HONCHO – A BOOK ON KASHMIR LAUNCHED BY PAGE TURNER PRESS AND MEDIA LLC

MUMBAI: California based publishing company ‘PageTurner Press and Media LLC’ has released Indian filmmaker and writer Abhik Bhanu’s fourth book titled “Honcho” recently at Amazon and many other online platforms across the globe. It is a terrorist story on Kashmir that has hit the world.

Abhik Bhanu, a journalist by profession has ventured into creative cinema as writer-director and producer. He has made three Hindi feature films viz: Sab Kuch Hai Kuch Bhi Nahi”, “A Dark Rainbow” and “Gun Pe Done”. He has also made short films too. His earlier published books are: “A Dark Rainbow”, “Stool Pigeon” and “Blind Faith”. Other than this fourth book he has multiple thriller and crime stories in the pipeline of releases.

Abhik Bhanu’s fictional book “Honcho” talks about Kashmir’s story told Post 370. Has terrorism vanished and peace and tranquility healed wounds of people? Has Kashmiri Pandits returned to their homes? What is the reality of Kashmir? Or, after the revocation of Article 370 in J&K, a deadly game of supremacy began.

Speaking about ‘Honchos’ from the book it says: “Do you know who the Honchos of these politicians are? The arms manufacturing companies of the world… They decide who lives and who dies. They! They are so powerful that they can destroy the world in seconds; if they decide to do so together.

These companies do not have any country or religion. They only know money and power. The politicians obey these Honchos. They have money, they control the state. They help political parties to create issues; so that countries fight and they can sell their arms…… ………Where would they sell their arms if people don’t fight?

The author has dedicated the book to all the global film community. Speaking about The book has grey characters which believe in rules can be broken as and when required, or rather manipulate it as and when needed.

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Prabha Khaitan Foundation unveils book Dear Mama by Mohini Kent – Cherie Blair launches book on collection of intimate letters to their mothers by eminent personalities

प्रभा खेतान फाउंडेशन के ऑनलाइन कार्यक्रम में ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर की पत्नी चेरी ब्लेयर ने मोहिनी केंट द्वारा लिखी पुस्तक “प्रिय मां” को किया लॉन्च

12 नवंबर, 2020, कोलकाता / लंदन: प्रभा खेतान फाउंडेशन, कोलकाता की तरफ से स्वाति अग्रवाल के तत्वाधान में आयोजित ऑनलाइन कार्यक्रम में जीवन में स्नेहमयी माताओं के प्यार एवं योगदान पर लिखी पुस्तक “प्रिय मां” को ऑनलाइन लॉन्च किया गया। इस पुस्तक में आध्यात्मिक गुरुओं, ब्रिटिश हाउस ऑफ लॉर्ड्स के सदस्यों, राजनीतिक नेता, शाही परिवारों के सदस्य, अभिनेता, उद्यमी, पत्रकार, फोटोग्राफर और डॉक्टरों ने मां के प्रति अपनी भावनाओं को व्यक्त किया है।

श्री सीमेंट द्वारा प्रस्तुत ऑनलाइन कार्यक्रम ‘किताब’ में ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर की पत्नी चेरी ब्लेयर, ब्रिटिश बैरिस्टर, लेखक और महिलाओं के अधिकार के लिए काम करनेवाली एक सामाजित कार्यकर्ता ने इस पुस्तक को औपचारिक रूप से ऑनलाइन लॉन्च किया।

इस मौके पर विश्वभर से सैकड़ों आमंत्रित विशिष्ठ लोग इस कार्यक्रम में शामिल हुए। इस दौरानचेरी ब्लेयर नेइस पुस्तक की लेखिका और लिली अगेंस्ट नामक एक धर्मार्थ संगठन जो मानव और बाल तस्करी के रुप में व्यापार के खिलाफ काम करता है, इसकी संस्थापक चेयरपर्सन मोहिनी केंट के साथ घंटों अपने विचारों का आदान-प्रदान किया।

इस पुस्तक में भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपना संदेश लिखा। इसके अलावा तिब्बती धर्मगुरू महामहिम दलाई लामा, चेरी ब्लेयर, सर क्लिफ रिचर्ड, जीपी हिंदुजा, श्री एम, किरण मजूमदार शॉ, अरशद वारसी, डॉ. करण सिंह, सर मार्क टली, शर्मिला टैगोर, राकेश ओमप्रकाश मेहरा, संदीप भूतोरिया, लॉर्ड पारेख, केपी सिंह और अन्य प्रतिष्ठित इन हस्तियों के साथ-साथ आम नागरिकों ने अपनी माताओं को समर्पित पत्र लिखकर इस पुस्तक मां के योगदान को व्यक्त किया है, इसके साथ इस पुस्तक के लिए विशेष रूप से मोहिनी केंट की व्यक्तिगत सराहना की है।

‘प्रभा खेतान फाउंडेशन के ट्रस्टी संदीप भूतोरिया ने कहा: हमारी इस संस्था द्वारा ‘प्रिय मां’ पुस्तक के अनावरण की मेजबानी करना हमारे लिए एक बड़ा सम्मान है, जो अपनीमांके लिए भेजे गये पत्रों का एक शानदार संग्रह है। यह पुस्तक अपनी मां के प्रति प्यार, भावना, करुणा और प्रेरणा की गहरी भावनाओं को उजागर करता है। लंदन में एक कार्यक्रम में मार्च 2020 महीने में ही इसे औपचारिक तौर पर लॉन्च करने की बात थी, लेकिन कोविड महामारी के कारण इसे स्थगित करना पड़ा। इस पुस्तक के लिए मेरी स्वर्गीय मां को पत्र लिखना मेरे लिए व्यक्तिगत तौर पर बहुत ही मार्मिक अनुभव था।

मां बच्चों की पहली गुरु और मार्गदर्शक होती है। महात्मा गांधी, आइंस्टीन, अब्राहम लिंकन, बुद्ध और अन्य पर अपनी माताओं का कर्ज है। यहां तक कि एचआरएच प्रिंस चार्ल्स ने भी महारानी को उनके मैस्टीज डायमंड जयंती समारोह में उन्होंने ‘मम्मी’कहकर संबोधित किया। इनके बीचइस पुस्तक में मौजूद कुछ बेटियों के पत्र में माताओं द्वारा उन्हें धोखा देने का दर्द छिपा है। कुछ माताओंने अपनी बेटियों को दास के रूप में बेच दिया, इस पुस्तक में उन लड़कियों द्वारा भेजे गये पत्र में दिल टूटने, मन में हुए गहरे जख्म, हानि और विश्वासघात का दर्द बेटियों ने बयां किया है।

मोहिनी केंट ने अपनी चैरिटी संस्था, लिली अगेंस्ट ह्यूमन ट्रैफिकिंग की सहायता के लिए यह पुस्तक लिखी है। यह पुस्तक फ्लिपकार्ट और अमेज़न इंडिया पर ऑनलाइन उपलब्ध है और इससे होनेवाली आमदनी का पूरा हिस्सा मानव तस्करी के खिलाफ काम कर रही इस संस्था को दिया जायेगा।

चेरी ब्लेयर एक मानवाधिकार वकील, एशियन यूनिवर्सिटी फॉर वुमेन की चांसलर हैं। इसके अलावा वह लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स की गवर्नर और ओमनिया रणनीति एलएलपी की एक संस्थापक सदस्य भी रह चुकी हैं, जो महिलाओं की संस्था चेरी ब्लेयर फाउंडेशन द्वारा विकासशील देशों में महिला उद्यमियों का समर्थन करती है।

लेडी मोहिनी केंट नून एक मशहूर लेखक, फिल्म निर्माता, चैरिटी कार्यकर्ता और पत्रकार हैं। वह लिली अगेंस्ट ह्यूमन ट्रैफिकिंग की फाउंडर चेयरपर्सन हैं, और अंतर्राष्ट्रीय बौद्ध परिसंघ के ब्रिटेन में वैश्विक दूत है। वह कई पुस्तकों की लेखक हैं, जिनमें ब्लैक ताज, एक उपन्यास और नागार्जुन: द सेकेंड बुद्धा शामिल हैं। उन्होंने फीचर फिल्मों, वृत्तचित्रों को लिखा और निर्देशित किया है, और सर बेन किंग्सले के साथ काम किया है। उनके मंच नाटकों में रूमी: द अनविल द सन शामिल हैं। वह यूके में आध्यात्मिक शिक्षण पर्यटन कार्यक्रम का भी आयोजित करती है।

पुस्तक प्रिय मां के कुछ चुनिंदे अंश :

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी: “मां प्रेरणा का सदा-समृद्ध वसंत है और सभी चुनौतियों को पार करने की हमारी ताकत है।”

एचएच दलाई लामा: “मेरी मां मेरी करुणा की पहली शिक्षिका थीं। अपनी माताओं से स्नेह प्राप्त करनेवाले बच्चे ही अपने वयस्क जीवन में बहुत अधिक आंतरिक शांति रखते हैं।”

चेरी ब्लेयर: “वकालत के बाद जब मुझे 1976 में बार संगठन में बुलाया गया, तो आप मेरी उपलब्धि का हिस्सा बनने वाले एकमात्र माता-पिता थे। मैं चाहतीथी कि मेरी इस उपलब्धि को आप स्वीकार करें।”

सर क्लिफ रिचर्ड: “मृत्यु कभी उचित नहीं होती। आपने हमें जीवन दिया, मुझे, डोना, जैकी और फिर जोन को आपके लिए जिंदगी नसीब हुई, लेकिन मौत ने आपको हमसे दूर कर दिया हालांकि वह हमारे मन में कैद आपकी यादों को हमसे नहीं छीन सका।”

जीपी हिंदुजा: “यह कहा जाता है कि भगवान ने माताओं को बनाया क्योंकि वह हर जगह नहीं हो सकते थे।”

शर्मिला टैगोर: “मौत तुम्हें हमसे दूर ले गई। इसके पहले मैं आपको कभी नहीं बता सकी कि मैंने चुटकुलों के जरिये आपकी पाक कला और आपकी प्रतिभा की कितनी सराहना की।”

योगी श्री एम: “मैं मेरी माँ से क्षमा मांगता हूं जब उसका प्यारा बेटा हिमालय भाग गया। जब वर्षों बाद जब मैं एक योगी बनकर वापस आया, तो मेरी मां ने मेरा स्वागत किया। केवल एक मां ही ऐसा कर सकती है।

‘प्रिय मां’ पुस्तक की बिक्री से होनेवाली आमदनी बालिकाओं की मदद के लिए खर्च की जाएगी।”

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Prabha Khaitan Foundation unveils book Dear Mama by Mohini Kent – Cherie Blair launches book on collection of intimate letters to their mothers by eminent personalities

13th November, 2020, Kolkata / London: The Prabha Khaitan Foundation, Kolkata, today announced the online launch of “Dear Mama” – a collection of intimate letters to their mothers – written by billionaires, spiritual gurus, members of the British House of Lords, political leaders, members of royal families, actors, entrepreneurs, journalists, photographers and doctors.

The book was formally launched by Cherie Blair, British barrister, writer and women’s rights activist, also the wife of former UK prime minister Tony Blair, at the Kitab online event presented by Shree Cement and joined in by hundreds of invitees from across the globe. Cherie Blair was in conversation with Mohini Kent, author and founder-chairperson of LILY Against Human Trafficking – a charitable organisation which works against the trade in human beings and child trafficking. The event was conducted by Swati Agarwal on behalf of Prabha Khaitan Foundation.

Prime Minister Narendra Modi, His Highness The Dalai Lama, Cherie Blair, Sir Cliff Richard, G P Hinduja, Sri M, Kiran Mazumdar Shaw, Arshad Warsi, Dr Karan Singh, Sir Mark Tully, Sharmila Tagore, Rakeysh Omprakash Mehra, Sundeep Bhutoria, Lord Parekh, K P Singh, and other eminent personalities, as well as common citizens, have written very personal letters to their mothers especially for Mohini Kent’s book.

“It is a great honour for Prabha Khaitan Foundation to host the unveiling of `Dear Mama’ which is a stupendous collection of letters to one’s mothers and which evokes deep feelings of love, emotion, compassion and inspiration. The formal launch was slated for March 2020 at an event in London but had to be postponed due to the Covid pandemic. It was a very touching experience for me to write a letter to my late mother for the book,” said Sundeep Bhutoria, Trustee, Prabha Khaitan Foundation.

Mother is the first guru and guide of the children. Mahatma Gandhi, Einstein, Abraham Lincoln, the Buddha and others owed a debt to their mothers. Even HRH Prince Charles publicly addressed the Queen as ‘Mummy’ at Her Majesty’s Diamond Jubilee celebrations. But some mothers betrayed their daughters, who were sold as slaves. The letters of those girls in this book speak of heartbreak, trauma, loss and betrayal.

“As long as prejudices are there against women, be it anywhere, no women will be totally free,” said Cheri Blair at the webinar.

Mohini Kent has written the book in aid of her charity, Lily Against Human Trafficking. The books is available online on Flipkart and Amazon India and all the proceeds would go to LILY Against Human Trafficking. “I want to teach mothers to love their daughters. The mindset of women as much as of men has to change because women fall into this mindset no matter where we are and how well educated and outgoing one is,” said Mohini Kent.

Kitab is an initiative of Kolkata-based organization Prabha Khaitan Foundation which provides a forum for book launches by connecting intellectuals, book lovers and litterateurs with authors. Eminent authors like Shashi Tharoor, Vikram Sampath, Salman Khurshid, Kunal Basu, Vir Sanghvi, Vikas Jha, Luke Kutinho and others have earlier had book launching sessions at Kitab.

Cherie Blair, human rights lawyer, is the Chancellor of the Asian University for Women; Governor of the London School of Economics; a founding member of Omnia Strategy LLP; and the Cherie Blair Foundation for Women supports women entrepreneurs in developing countries.  She lives in London with her husband, Tony Blair, former Prime Minister of the UK.

Lady Mohini Kent Noon is an author, film-maker, charity worker and journalist. She is the Founder Chairperson of Lily Against Human Trafficking. And Global Envoy in the UK of the International Buddhist Confederation. She is the author of several books, including Black Taj, a novel, and Nagarjuna: The Second Buddha. She has written and directed feature films, documentaries, and worked with Sir Ben Kingsley. Her stage plays include Rumi: Unveil the Sun. She also hosts spiritual teaching tours in the UK.

    

Excerpts from the book “Dear Mama”

Prime Minister Narendra Modi: “Mother is the ever-flourishing spring of inspiration and our strength to overcome all the challenges.”

HH the Dalai Lama: “My mother was my first teacher of compassion. Those who receive affection from their mothers as children have much greater inner peace in their adult lives.”

Cherie Blair: “When I was called to the Bar in 1976, you were the only parent entitled to be part of my achievement. I wanted you to be acknowledged.:

Sir Cliff Richard: “Death is never fair. You gave us life – me, Donna, Jacqui and then Joan – and death took yours. But… he couldn’t take our memories.”

G.P. Hinduja: “It is said that God created mothers because He could not be everywhere.”

Kiran Mazumdar Shaw: “Not many daughters can boast of the fact that their mother is a successful entrepreneur at the age of 87. This fiery independent streak is what I have inherited from you. You have been a pillar of great strength and inspiration to me.”

Sharmila Tagore: “I have taken you for granted. I never told you how much I appreciated your cooking (and) your talent with jokes.”

Yogi Sri M: “I beg forgiveness (from my mother) when her beloved son ran away to the Himalayas and was given up for dead. (She) welcomed me after years when I came back as a wandering yogi. Only a mother can do that.”

Rakesh Omprakash Mehra: “Like an ocean she had the capacity to receive the rivers of pain, purify it, and rain it back on us as love. They say you passed away, but in my daughter I feel you come back, in my wife I feel your loving and caring. For me, LILY is an ode to every mother.”

Arshad Warsi: “The first thing I need to do, in fact every son and daughter needs to do, is apologise for not being able to match up to the unconditional love mothers have for their children.”

Shonali Bose: “All of my films – Amu, Margarita with a Straw, The Sky is Pink -have been about the mother-daughter relationship and death. That’s because you were so central to my life till your shocking death when I was 21.”

Milkha Singh: “Our home was in Multan. Then we heard India was going to be partitioned. A Muslim mob came for us with their guns. Father shouted: ‘Bhaag Milkha! Don’t look back!’ When it was quiet, I went back, but they had killed you, everyone. My last memory of you is lying on your body and weeping.”

Khalid Mohamed: “You lost your only child Zubeida in an air crash. We only found mangled parts of her body on the site. When my mother Zubeida perished, you were my protector and live-giver. Fayazi Ma, it’s your 25th death anniversary, and I assure you I am OK.”

Dr Karan Singh: “She was highly compassionate and caring, and I learnt a great deal from her. I learnt the beautiful Dogra-Pahari folk songs that she used to sing on festive occasions. In our culture the mother has a very special place. There are our physical mothers, but at a deeper level in Hinduism, the mother goddess appears in many forms.”

Raghu Rai: “When the partition took place, I was just five. Little did I understand what it meant for my mother to look after ten children without any help. My mother wove a magic thread to keep a large family happy and united at low cost.”

Vijay Khattar: “Though you were deaf and mute since birth, you remain the most expressive person I’ve known. I wondered what it must be like. I feared the weight of silence. When the political trouble started in Kashmir were forced to leave because of the killings. You made this difficult and uncertain time easier for the family.”